प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हरियाणा के सूरजकुंड में चल रहा मंथन सत्र "सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है।"
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि कानून-व्यवस्था राज्यों की जिम्मेदारी है लेकिन ये देश की एकता और अखंडता से भी जुड़ी हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्यों के गृह मंत्रियों के चिंतन शिविर को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि हरियाणा के सूरजकुंड में चल रहा मंथन सत्र “सहकारी संघवाद का उत्कृष्ट उदाहरण है।”
उन्होंने कहा, "राज्य एक-दूसरे से सीख सकते हैं, एक-दूसरे से प्रेरणा ले सकते हैं और देश की बेहतरी के लिए मिलकर काम कर सकते हैं - यह संविधान की भावना है और हमारे नागरिकों के प्रति हमारा कर्तव्य है।"
उन्होंने 'एक राष्ट्र, एक पुलिस वर्दी' का विचार भी पेश किया और कहा कि राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को इस पर चर्चा करनी चाहिए कि क्या यह संभव है।
प्रधान मंत्री कार्यालय (पीएमओ) के बयान के अनुसार, दो दिवसीय चिंतन शिविर आंतरिक सुरक्षा से संबंधित मामलों पर नीति निर्माण के लिए एक राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य प्रदान करने का एक प्रयास है। शिविर पुलिस बलों के आधुनिकीकरण, साइबर अपराध प्रबंधन, आपराधिक न्याय प्रणाली में आईटी के बढ़ते उपयोग, भूमि सीमा प्रबंधन, तटीय सुरक्षा, महिला सुरक्षा, मादक पदार्थों की तस्करी जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श करेगा।
आठ राज्यों के मुख्यमंत्री और 16 राज्यों के गृह मंत्री और उपमुख्यमंत्री इस कार्यक्रम में एकत्रित हुए, जिसकी अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कर रहे हैं।
